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असम,अरुणाचल और त्रिपुरा में गरजेंगे मोदी



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  • नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद भले ही बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से किया हो लेकिन बीजेपी की कोशिश नॉर्थ.ईस्ट और दक्षिण के राज्यों के अपनी सीटें बढ़ाने की है। लिहाजा पीएम मोदी  पश्चिम बंगाल में रैली खत्म कर के सीधे असम पहुंच गए हैं । पश्चिम बंगाल और जलपाईगुडी में रैली कर मोदी की कोशिश बंगाल में पार्टी को मजबूत करने की है। पार्टी चाहती है कि 2019 चुनाव में वह ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत सके। ममता के गढ़ में घुसकर मोदी का ललकारना यही दिखा रहा है कि बीजेपी बंगाल की जनता को यह भरोसा दिलाने की कोशिश में है कि अब ममता का विकल्प कांग्रेस और लेफ्ट नहीं बल्कि बीजेपी ही है।  पश्चिम बंगाल के अलावा मोदी की नजर बाकी उन राज्यों पर भी है जहां बीजेपी शून्य है ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम की राजधानी गुवाहाटी में ब्रम्हपुत्र नदी पर एक पुल की आधारशिला रखने के बाद एम्स का शिलान्यास भी करने वाले हैं, इसके बाद नई गैस पाईपलाइन का उद्घाटन भी करेंगे। असम के बाद प्रधानमंत्री मोदी का अरुणाचल प्रदेश में दौरा होगा जहां वो एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन कर राज्य के लोगों को नई सौगात देंगे। इसके बाद शाम को मोदी त्रिपुरा में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे कुल मिलाकर प्रधानमंत्री  उत्तर पूर्वी राज्यों में सौगाते देकर जनता को रिझा रहे हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों में कुल 25 लोकसभा सीटें हैं इनमें से 8 सीटें बीजेपी के पास है अब बीजेपी का लक्ष्य है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वह पूर्वोत्तर राज्यों की 21 सीटें जीत सके।

    पूर्वोतर के राज्यों में सिक्किम, असम , अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर, मेघालय में बीजेपी की सरकार है जबकि त्रिपुरा में पार्टी ने अपने दम पर लेफ्ट के मजबूत किले को ध्वस्त कर दिया केवल मिजोरम में बीजेपी अपनी सरकार नहीं बना सकी हालांकि यह पहली बार था जब बीजेपी ने राज्य में अपना खाता खोला। प्रधानमंत्री मोदी के बैक टू बैक दौरों का मकसद चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के भीतर उर्जा का संचार करना है मोदी पूरी तरह से चुनावी मोड में हैं।