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पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित हुए बाबूलाल दाहिया



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  • नई दिल्ली/सतना - राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तथा गायक भूपेन हजारिका को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। साथ ही पद्मश्री अलंकरण से जैव.विविधता की धरोहर को सहेजने वाले किसान एवं साहित्यसेवी बाबूलाल दाहिया को सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति नामनाथ कोविंद के द्वारा प्रदान किया गया। बाबूलाल दाहिया को यह उपलब्धि उनके द्वारा सवा सौ से भी अधिक तरह की देशी धान, गेहूं के पारम्परिक देशी बीजों को सम्हाल कर रखने के लिए प्रदान किया गया है। मूलतः पिथौराबाद गांव निवासी  बाबूलाल दाहिया साहित्य और जैव विविधता के कार्यो में सराहनीय कार्य किए है।  यह सम्मान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में गिना जाता है जो विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वालों को दिए जाते हैं।  तीन श्रेणियों के  ये सम्मान कला, सामाजिक कार्य, जन कल्याण, सरकारी क्षेत्र, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, मेडिसिन, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा आदि क्षेत्रों में दिए जाते हैं

    जैवविविधता संग्रह में मिली पहचान

     उचेहरा विकासखंड के पिथौराबाद गांव के बाबूलाल दाहिया बीते दस-.बारह सालों से देशी बीजों के संग्रहण और संवर्धन.संरक्षण में जुटे हुए हैं। उन्होंने गांव में अपनी दस एकड़ की जमीन में से दो एकड़ का खेत देशी धान की प्रजातियों के प्रयोग के लिए रखा हुआ है और वे अब तक सवा सौ धान की प्रजातियां चिन्हिंत कर उनके संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं।  इसके लिए वह अपने आसपास के सीधी, रीवा, पन्ना और शहडोल जिले के गांव.गांव जाकर धान की अलग.अलग किस्मों के बीज सहेजे और उनकी खुद खेती कर उनके गुणधर्म को पहचाना।