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सीएसटी रेलवे स्टेशन में फुटओवर ब्रिज गिरा,हादसे में 5 की मौत



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  • मुंबई। वर्ष 1980 में मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन के पास बना फुटओवर ब्रिज गुरुवार की शाम गिर गया। इस हादसे में 3 महिलाओं समेत 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि आधा सैकडा लोग घायल हैं। सीएसटी रेलवे स्टेशन सबसे व्यस्त रेल्वे स्टेशनों में से एक है। ये ब्रिज आजाद मैदान को सीएसटी रेलवे स्टेशन से जोड़ता है। जानकारी के मुताबिक यह रेलवे का फुटओवर ब्रिज नहीं है बल्कि यह पब्लिक फुटओवर ब्रिज है इस हादसे से रेलवे ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ है । जब ब्रिज गिरा था तो वहां पर कई लोग मौजूद थे। इसके अलावा कई गाड़ियां भी ब्रिज के नीचे मौजूद थीं।और तो और 60 सेकेंड की रेड लाइट न होती तो इस ब्रिज के नीचे से कई कारें मोटरसाइकिल और दूसरे वाहन गुजर रहे होते और ब्रिज गिरते ही इसके नीचे कई लोग आ सकते थे ऐसा होता तो यह हादसा और गंभीर हो सकता था।हादसे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुःख जताया है।
    सीएम ने की मुआवजे की घोषणा
    हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुआवजे की  घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे का सीएम ने ऐलान किया है।
    रेड लाइट ने बचा दी दर्जनों लोगों की जान
    जानकारी के मुताबिक जब यह हादसा हुआ तो उस समय कुर्रा रोड पर रेड सिग्नल था। शाम के वक्त इस ब्रिज के ऊपर से कई लोग गुजर रहे थे।ब्रिज के नीचे एक टैक्सी खड़ी थी अगर उस समय 60 सेकेंड की रेड लाइट न होती तो इस ब्रिज के नीचे से कई कारें, मोटरसाइकिल और दूसरे वाहन नीचे आ सकते थे। ऐसा होता तो यह हादसा और गंभीर हो जाता। हादसे के वक्त इस ब्रिज के नीचे ठेले में कई लोग खडे थे जो पुल के नीचे गिरने की वजह से घायल हो गए थे घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन गंभीर चोटें लगने की वजह से ये लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। बताया जा रहा है कि हादसे में 30 से ज्यादा लोग घायल है और उनका इलाज चल रहा है।
     
     
     
     
     
    कांग्रेस ने रेलमंत्री पीयूष गोयल का मांगा इस्तीफा
    मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसे को लेकर सियासत शुरू हो गई है। ब्रिज गिरने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार और महाराष्ट्र सरकार इसके लिए अपराधी है। सरकार की निष्क्रियता की वजह से ऐसे दर्दनाक हादसे बार.बार हो रहे हैं इससे पहले एलफिंस्टन हादसा और अंधेरी ब्रिज हादसा हुए थे। रेलमंत्री के पुलों को ऑडिट कराने के लंबे दावे फिर फेल हुए हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल इस्तीफा दे या फिर उनको बर्खास्त किया जाना चाहिए। वहीं बीजेपी सांसद राज पुरोहित ने ब्रिज के ऑडिटिंग का सर्टीफिकेट जारी करने वाले इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करने और उसको गिरफ्तार करने की मांग की है। शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि यह ब्रिज बीएमसी का नहीं, बल्कि रेलवे का था। इसके अलावा विधायक वारिस पठान ने इस दर्दनाक घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।